खेत जोतने वाले किसान और पसीना बहाने वाले मज़दूर — दोनों की गरिमा, अधिकार और भविष्य के लिए एक साझा संगठन। हम गांव-गांव में आवाज़ों को जोड़कर नीति और न्याय तक पहुंचाते हैं।
यूनियन का मार्गदर्शन करने वाले वे चेहरे, जो हर स्तर पर किसान और मज़दूर की आवाज़ बुलंद करते हैं।
भारतीय किसान मज़दूर उत्थान यूनियन उन लाखों हाथों की साझी आवाज़ है, जो देश के खेत और कारखाने दोनों को अपने परिश्रम से जीवित रखते हैं।
वर्षों से मिट्टी में बोया गया बीज और मशीन पर बहाया गया पसीना — दोनों ने मिलकर जिस भारत को खड़ा किया है, हमारी यूनियन उसी भारत के लिए न्याय, सम्मान और सुरक्षित भविष्य की मांग करती है।
हम गांव-गांव और जिले-जिले में किसानों और श्रमिकों को संगठित करते हैं, ताकि उनकी सामूहिक शक्ति नीति-निर्माण की मेज़ तक पहुंच सके — बिचौलियों के बिना, सीधे उनकी अपनी भाषा में।
हर उद्देश्य खेत और कारखाने, दोनों जगह के जीवन को छूता है — यह हमारे संघर्ष की दिशा तय करता है।
फसल का लाभकारी मूल्य और समय पर भुगतान — बिचौलियों के शोषण से मुक्ति।
मज़दूरों के लिए सुरक्षित कार्यस्थल, तय घंटे और उचित मज़दूरी की गारंटी।
शोषणकारी कर्ज़ के चक्र से किसानों की रक्षा और उचित ऋण सुविधाओं तक पहुंच।
किसान और मज़दूर परिवारों के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुंच।
गांव-गांव में स्वास्थ्य शिविर, बीमा सुविधा और आपातकालीन सहायता।
कृषि और श्रम नीतियों के निर्माण में किसानों और मज़दूरों की सीधी भागीदारी।
संगठन गांव की पंचायत से लेकर राज्य की राजधानी तक फैला है — हर स्तर पर किसान और मज़दूर का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करते हुए।
* ये आंकड़े नमूना डेटा हैं — कृपया वास्तविक संख्याओं से बदलें।
न्यूनतम समर्थन मूल्य, समय पर खरीद और भंडारण की सुविधाओं के लिए संघर्ष।
निर्माण, कारखाना और खेत-मज़दूरों के लिए न्यूनतम मज़दूरी और सामाजिक सुरक्षा।
भूमि विवाद, मज़दूरी न मिलने और अनुबंध संबंधी मामलों में मुफ़्त कानूनी परामर्श।
स्थानीय नेतृत्व तैयार करने के लिए कार्यशालाएं और आधुनिक खेती प्रशिक्षण।
हर किसान और मज़दूर इस यूनियन का सदस्य बनकर अपनी अकेली आवाज़ को एक संगठित शक्ति में बदल सकता है। सदस्यता की प्रक्रिया सरल है — अपने नज़दीकी जिला कार्यालय से संपर्क करें या नीचे दिए फ़ॉर्म से आवेदन करें।